स्वस्थ मिट्टी यानी जीवित मिट्टी: इसमें पर्याप्त जैविक पदार्थ, भुरभुरी बनावट और फसल को भोजन देने वाले अरबों फायदेमंद जीव होते हैं। स्वस्थ मिट्टी पानी पकड़े रखती है, पोषक तत्व लगातार छोड़ती है और मज़बूत जड़ें उगाती है, इसलिए फसल को कम मदद चाहिए।
स्वस्थ मिट्टी की निशानियां
- गहरा रंग और मिट्टी की सौंधी खुशबू
- भुरभुरी; हाथ में आसानी से टूटती है
- हर जगह केंचुए और जड़ें
- पानी जल्दी सोखती है और भरा नहीं रहता
- पूरे खेत में फसल एक जैसी बढ़ती है
थकी मिट्टी की निशानियां
- उतनी ही पैदावार के लिए हर साल ज़्यादा खाद चाहिए
- सख्त, सूखने पर फटती, गीली होने पर चिपचिपी
- केंचुए कम
- छोटी, उथली जड़ें
- मिट्टी जांच में कम जैविक कार्बन
मिट्टी में फिर से जान कैसे लाएं
- हर सीज़न जैविक पदार्थ डालें: कम्पोस्ट, गोबर खाद, फसल अवशेष
- मिट्टी को मल्च या फसल से ढका रखें
- फसल चक्र अपनाएं और दलहन शामिल करें
- खाद आदत से नहीं, मिट्टी जांच के हिसाब से दें
- जैव उर्वरकों और ह्यूमिक एसिड जैसे बायोस्टिमुलेंट से मिट्टी के जीवों को सहारा दें
- मिट्टी के जीवों को मारने वाले खतरनाक रसायन घटाएं
गुजरात बायो ऑर्गेनिक्स कहां फिट होता है
लगभग 20 साल से हमारा काम मिट्टी से शुरू होता है। Immunity Granules मिट्टी की बनावट और जीवों के लिए मिट्टी में दिए जाते हैं, हमारे जैव उर्वरक फायदेमंद सूक्ष्मजीव जोड़ते हैं, और हर Immunity फॉर्मूला जीवित मिट्टी के साथ काम करने के लिए बना है, उसके खिलाफ नहीं।
गुजरात बायो ऑर्गेनिक्स के संस्थापक गफार लैया द्वारा लिखा गया, जो 2006 से किसानों के साथ काम कर रहे हैं। मिट्टी, मौसम, फसल और देखभाल के हिसाब से नतीजे हर खेत में अलग आते हैं। इस साइट पर किसानों के अनुभव उनके अपने हैं, नतीजों का वादा नहीं।