मिट्टी की उर्वरता का मतलब है फसल को चाहिए पोषक तत्व सही मात्रा में और सही समय पर देने की मिट्टी की क्षमता। यह मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों, जैविक कार्बन और pH, और पोषक तत्व उपलब्ध कराने वाले मिट्टी के जीवों पर निर्भर करती है।
फसल को चाहिए पोषक तत्व
- मुख्य: नाइट्रोजन (N), फॉस्फोरस (P), पोटाश (K)
- द्वितीयक: कैल्शियम, मैग्नीशियम, सल्फर
- सूक्ष्म तत्व: जिंक, आयरन, बोरॉन, मैंगनीज, कॉपर, मोलिब्डेनम
जैविक कार्बन क्यों अहम है
जैविक कार्बन मिट्टी की उर्वरता की सबसे अच्छी एक निशानी है। यह पोषक तत्व और पानी पकड़े रखता है, मिट्टी के जीवों को भोजन देता है और मिट्टी को भुरभुरी रखता है। भारत की कई मिट्टियों में अब जैविक कार्बन कम आता है।
pH क्यों अहम है
- ज़्यादातर पोषक तत्व लगभग उदासीन मिट्टी में पौधे सबसे आसानी से ले पाते हैं
- क्षारीय मिट्टी में जिंक, आयरन और फॉस्फोरस बंध जाते हैं
- अम्लीय मिट्टी में फॉस्फोरस और कुछ सूक्ष्म तत्व बंध जाते हैं
बंधे हुए पोषक तत्व
मिट्टी में अक्सर भरपूर फॉस्फोरस, पोटाश और जिंक होता है जिसे फसल इस्तेमाल नहीं कर पाती। फॉस्फेट घोलने वाले, पोटाश चलाने वाले और जिंक घोलने वाले बैक्टीरिया इन्हें छुड़ाने में मदद करते हैं, इसीलिए हमारी जैव उर्वरक रेंज में PSB, KMB और ZSB हैं।
गुजरात बायो ऑर्गेनिक्स के संस्थापक गफार लैया द्वारा लिखा गया, जो 2006 से किसानों के साथ काम कर रहे हैं। मिट्टी, मौसम, फसल और देखभाल के हिसाब से नतीजे हर खेत में अलग आते हैं। इस साइट पर किसानों के अनुभव उनके अपने हैं, नतीजों का वादा नहीं।