फसल के हिसाब से आयरन की कमी के लक्षण
मूंगफली, गन्ना, नींबू-संतरा, अंगूर, अनार और अनाज में आयरन का पीलापन कैसा दिखता है, और इसे नाइट्रोजन, जिंक और मैग्नीशियम की कमी से अलग कैसे पहचानें।
पूरी गाइड पढ़ेंफसल में आयरन क्या करता है, हर फसल में इसकी कमी कैसी दिखती है, क्यों होती है, ध्यान न दें तो क्या नुकसान होता है, और किसान इसकी पुष्टि कैसे करते हैं और कमी कैसे दूर करते हैं।
आयरन एक सूक्ष्म पोषक तत्व है जो फसल को क्लोरोफिल बनाने और प्रकाश संश्लेषण और श्वसन चलाने के लिए चाहिए। आयरन की कमी वाली फसल में नई पत्तियां पीली होती हैं और उनमें हरी नसों का बारीक जाल दिखता है, और ज़्यादा कमी में नई पत्तियां लगभग सफेद हो जाती हैं। आयरन की कमी आमतौर पर मिट्टी में आयरन की कमी नहीं, बल्कि क्षारीय, चूने वाली या जलभराव वाली मिट्टी में बंधा हुआ आयरन है।
गफार लैया और गुजरात बायो ऑर्गेनिक्स टीम द्वारा। नवंबर 2026 में अपडेट।
आयरन पुरानी पत्तियों से नई पत्तियों में नहीं जाता, इसलिए सबसे नई पत्तियां पहले पीली होती हैं और पुरानी पत्तियां हरी रहती हैं।
| फसल | कमी कैसी दिखती है |
|---|---|
| मूंगफली | चूने वाली मिट्टी में नई पत्तियां चमकीली पीली और नसें हरी, सौराष्ट्र में आम। |
| गन्ना | नई पत्तियों पर पीली से सफेद धारियां, पेड़ी फसल में और जलभराव के बाद सबसे ज़्यादा। |
| नींबू-संतरा (सिट्रस) | नई पत्तियां पीली और हरी नसों का जाल, छोटे फल और टहनियां ऊपर से सूखना। |
| अंगूर | टहनी की नोक पर नई पत्तियां पीली, गुच्छे कम बनना। |
| अनार | क्षारीय मिट्टी में हल्की नई पत्तियां और कमज़ोर नई टहनियां। |
और फसलें और मिलते-जुलते लक्षण: फसल के हिसाब से आयरन की कमी के लक्षण।
भारत में दो लाख से ज़्यादा मिट्टी नमूनों के ICAR सर्वे में, छिपी कमी गिनकर, 19.2% मिट्टी में आयरन की कमी मिली।
मात्रा फसल, मिट्टी और उत्पाद पर निर्भर करती है, इसलिए यह पेज तरीके बताता है, मात्रा नहीं। मात्रा अपनी मिट्टी जांच रिपोर्ट, उत्पाद के लेबल या स्थानीय कृषि अधिकारी या KVK से लें। मिट्टी, मौसम, फसल और देखभाल के हिसाब से नतीजे हर खेत में अलग आते हैं। इस साइट पर किसानों के अनुभव उनके अपने हैं, नतीजों का वादा नहीं।
मूंगफली, गन्ना, नींबू-संतरा, अंगूर, अनार और अनाज में आयरन का पीलापन कैसा दिखता है, और इसे नाइट्रोजन, जिंक और मैग्नीशियम की कमी से अलग कैसे पहचानें।
पूरी गाइड पढ़ेंमिट्टी में आयरन होते हुए भी चूने वाली मिट्टी की फसलें पीली क्यों होती हैं, मिट्टी में फेरस सल्फेट अक्सर मदद क्यों नहीं करता, और क्या बेहतर काम करता है।
पूरी गाइड पढ़ेंहर पैटर्न किस तत्व की ओर इशारा करता है।
पूरी गाइड पढ़ें2006 से कश्मीर से कन्याकुमारी तक के लाखों किसानों ने लगभग हर फसल में Immunity उत्पाद इस्तेमाल किए हैं: सोमनाथ के आसपास के आम के बागों से हिमाचल प्रदेश और कश्मीर के सेब बागों, असम और दार्जिलिंग के चाय बागानों, और तमिलनाडु, कर्नाटक और केरल के केला, नारियल और इलायची के खेतों तक। हर Special एक फसल और उसकी आम समस्याओं के लिए बना एक फॉर्मूला है। अपनी फसल, मिट्टी जांच और आप क्या देख रहे हैं हमें बताएं, हमारी टीम बताएगी कि क्या जांचें, सूक्ष्म तत्व सुधार की ज़रूरत है या नहीं, और कौन सी Special आपके कार्यक्रम में ठीक बैठती है।
मिट्टी, मौसम, फसल और खेती के तरीके के अनुसार हर खेत में नतीजे अलग हो सकते हैं। इस वेबसाइट पर किसानों के अनुभव उनके अपने हैं; इन्हें नतीजों की गारंटी न समझें।
आयरन पुरानी पत्तियों से नई पत्तियों में नहीं जाता। हरी नसों वाली पीली नई पत्तियां आमतौर पर आयरन की कमी की ओर इशारा करती हैं।
क्षारीय, चूने वाली या जलभराव वाली मिट्टी में आयरन होता है पर बंधा रहता है। फसल उसे ले नहीं पाती, इसलिए समस्या उपलब्धता की है, मात्रा की नहीं।
चूने वाली मिट्टी में यह अक्सर जल्दी बंध जाता है। छिड़काव या ऊंचे pH वाली मिट्टी के लिए बने आयरन चिलेट आमतौर पर बेहतर काम करते हैं।
हां। जलभराव वाली जड़ें आयरन नहीं ले पातीं, इसलिए आयरन होते हुए भी फसल पीली पड़ती है।
थोक आपूर्ति, OEM या प्राइवेट लेबल चाहिए? हमारी बिज़नेस वेबसाइट पर ग्रेड, विवरण और निर्यात की शर्तें हैं।